مقدمة  
  اسباب خاصة بأمراض النساء ولكنها خارج الرحم  
  اسباب خاصة بأمراض النساء ولكنها خاصة بالرحم  
  اسباب خاصة بالجهاز البولى  
  اسباب خاصة بالجهاز الهضمى  
  اسباب خاصة بالجهاز العضلىوالعظمى  
  اسباب خاصة بالصحة النفسية  
  اسباب اخرى متنوعة  
  كيفية تناول ومعالجة حالات امراض الحوض المزمنة  
  علاج امراض الحوض المزمنة  
  النموذج  

كـيـفيـه  تـنـاول  و  معــالجـه  حالات  آلام  الحوض  المزمنة

أن  آلام  الحوض  المزمنه  عند  المرأة  لمشكله  شائعه  و  منتشرة  و  تمثل  تحدى  كبير  جداً  لأى  نظام  صحى  فى  العالم  لأنه :
-  قد  يكون  سبب  الألم  غير واضح  تماما  و غير  دقيق  يقينا  .
-  لأن  المُسبب  للألم  يكون  فى  كثير من  الأحيان  عبارة  عن  عدة  عوامل  و أسباب  مـُتداخله  مع  بعضها.
-  و  أيضا  ضعف  الأستجابه  للعلاجات  المعروفه  فى  بعض  الحالات .
أن  ظاهرة  آلام  الحوض  المزمنه  للمرأة  غير  مفهومه  بالقدر  الكافى  ,  و لهذا  فأن  المـُعالجه  أحيانا  تكون غير  مـُقنعه ,  و  لهذا  يُـفضل  بعض  الأطباء  تناول  الحاله  بعدة  وسائل  مختلفه  لنفس  الحاله .  أن  معالجه  آلام  الحوض  المزمنه  تتطلب  فـَهم  عميق  لأعضاء  الحوض  و  وظائفها  و علاقاتها   بالأجهزة  الأخرى  مثل  الجهاز  العصبى  و  الجهاز  العظمى  و  عضلاته  و الحاله  النفسيه .  يوجد  نسبه  كبيرة  من  مريضات  آلام  الحوض  المزمنه  يكون  السبب  عبارة  خلل  فى  عدة  أجهزة  مع  بعضها  فى  وقت  واحد  مثل  خلل  فى  المثانه  البوليه  و الجهاز  الهضمى  مع  خلل  جنسى  مع  أجهزة  أخرى ,  و  أحيانا  يضاف  الأكتئاب  أو  القلق  أو الأدمان  ....  الخ .

و عند  علاج  المريضه  يجب أتباع  هذة  الخطوات :

أ  -  التاريخ  المرضى :

يجب  التذكر  بأن  تعريف  آلام  الحوض  المزمنه  هى  آلام  غير  آلام  الدورة  الشهريه  , و  مستمرة  لسته  شهور  أو أكثر  فى  منطقه  الحوض  (  و  هى  المنطقه  التى  تقع  تحت  الســرة  من  آلامام  و من  الخلف  و من  الجانبين )  و  أن  هذا  الألم  من  الشدة  لدرجه  أن  يؤثر  على  نشاط  أو  حيويه  أو  نظام  حياة  المريضه و  هذا  الألم  يحتاج  الى  علاج .

أن  معرفه  التاريخ  المرضى  لحالات  آلام  الحوض  المزمنه  ضرورى  جدا  , بسبب  تعقد  و  تشابك  العوامل  المُسببه  للمرض  مما  يساعد  على  تقييم  الحاله  و  توجيهها  الى  التخصص  الصحيح  الذى  تحتاجه . و التاريخ  المرضى  يبدأ  بأخذ  بيانات  مُـفصله  عن  كل  أجهزة  الجسم  دون  أستثناء  مثل  الجهاز  التناسلى  و الجهاز الهضمى  و الجهاز  البولى  و الجهاز  العظمى  و عـضلاته  و الجهاز العصبى -  النفسى .  و ذلك  بتوجيه  أسأله مباشرة  عن  كل  أعراض  كل  جهاز على  حدة . و عند  أخذ  التاريخ  المرضى   للمريضه  يجب  التركيز على :

#   خصائص  الألم
 
-  مكان  الألم  و خصائصه  (  على  هيئه  مغص  أو  ثقل  أو  نقح  أو  وخز  سكين  أو  كلسع  النار  أو تنميل     أو  شعور  بالضغط  المؤلم  على  الأعضاء  أو  شعور  بالأنتفاخ  و  آلامتلاء  .... الخ )
-  ما  العوامل  التى  تـُبدىء  الألم  و ما  العوامل  التى  تـُزيدة .
-  ما  العوامل  التى  تـُقلل  أو  تـُزيل  الألم .

#  مـلاحظــات  عن  التـاريخ  المرضــى  لأجهزة  الجسـم  :

-  الجهاز  التناسلى   :  على  سبيل  المثال  :  السؤال  عن  وجود  نزيف  رحمى  شديد  مع  الدورة  الشهريه  قد  يكون  بسبب  أورام  ليفيه  بالرحم  أو  أدينومايوزس  بالرحم  .  السؤال  عن  جراحات  سابقه  بالبطن  و  هذا  قد  يدل  على  وجود  التصاقات  بداخل  البطن  ,  ضيق  شديد  بعنق  الرحم  غالبا  ما  يكون  لديهن  تاريخ  مرضى  بوجود  التهابات  مزمنه  بعنق  الرحم  أو  تم  علاجه  بالكى  أو  بالتبريد  أو  أجراء  أى  جراحه  به  فى  أى  فترة  سابقه . وأيضا  السؤال  عن  ما  أذا  كان  يوجد ,  تعدد  للرجال  المشاركين  معها  فى  علاقات  جنسيه  ,  ذلك  قد  يرجح  وجود  التهابات  مزمنه  بالحوض . السؤال  عن  الولادات  السابقه  , هل  حدث  تمزقات  بالمهبل  أو  شق  للعجان  , أو تطويل  فى  الولادة  مع  حزق  شديد  مع  آلام  الولادة  لفترة  طويله ,  كل  هذا  يرجح  سقوط  بالمهبل  أو  للرحم  نتيجه  ضعف  عضلات  الحوض .

-  الجهاز  البولى : السؤال  بالتفصيل  عن  أعراض  الجهاز  البولى  لتقييمة  ,  على  سبيل  المثال  السؤال  عن  مدى  التحكم   بالبول  و آلام  أثناء  التبول  و  زيادة  عدد  مرات  التبول ..... الخ .
-  الجهاز الهضمى  : السؤال  بالتفصيل  عن  أعراض  الجهاز  الهضمى , على  سبيل  المثال  السؤال  عن  نوبات  من  الأسهال  و  آلامساك . السؤال  عن  أسباب  التصاقات  بالبطن  التى  قد  تسبب  الشد  على  القولون  مما  يسبب  آلام  مزمنه  بالحوض ,  السؤال  عن  دم  بالبراز و الأنتفاخ ...... الخ .
-   الجهاز  العصبى : السؤال  وجود  ألم  مثل  لسع  النار  قد  يدل  على  خلل  أو  قطع  فى  العصب  المغذى  للمنطقه  التى  بها  الألم .
- الحاله  النفسيه  :  يجب  الأستفسار  بالتفصيل  عن  التاريخ  الأجتماعى  و العائلى  و  الأُسَرى  لها  للبحث  عن  ما  يسبب  العقد  النفسيه  و الأجتماعيه  . و كذلك  الغوص  فى  أعماق  النفس  للبحث  عن  أى  خبرات جنسيه  سيئه  أو أغتصاب  أو  تحرش  جنسى  من  أى  نوع  مما  يسبب  عقد  نفسيه  جنسيه  و هى  من  ضمن  الأسباب  المُهمه  للشعور  بألام  مزمنه  بالحوض ,  خاصه  أذا  كانت  تعرضت  للأغتصاب  قبل  سن  الخمسه  عشر سنه  ( غالبا  ما  يكون  مـُصاحبا  لآلام  بالجسم  عامه  و مزمنه  بالحوض  خاصه  فيما  بعد ) ,  خاصه  ما  أذا  كانت  المريضه  لا  يـُظهر  الكشف  الطبى  الجسمانى  عليها  سببا  مـُقنعا  لآلام  الحوض  المزمنه  لديها . و  أيضا  يجب  التركيز على  أعراض  أمراض  الأكتئاب  و القلق  و أنفصام  الشخصيه  و الأدمان  بجميع  أنواعه  و صفه  عدم  الأعتماد  على  النفس , و الأستفسار عن  المشاكل  الزوجيه  و المشاكل  الجنسيه  بالتفصيل . 

ب  -  الفـحـص  الـطـبـى  :

أن  الفحص  الطبى  لمريضات  آلام  الحوض  المزمنه  يختلف  عن  الكشف  المعتاد  لأمراض  النساء ,  لأنه  مـُصمم  لأعطائنا  معلومات  أبعد  و  أكثر  من  مجرد  معلومات  عن  الرحم  و  المبيضين  و  الأنابيب  و  المهبل.  يجب  أن  يتميز  الكشف  الطبى  الجسمانى  على  المريضه  بالدقه  و  الذكاء  و  سعه  الأفق  فى  ربط  نتائج  الفحص الطبى  مع  الأعراض  و يجب  أن  يكون  مُـنظما  و مَـنهجيا  حيث  يتناول  كل  جهاز بالجسم  على  حدة ,  و أيضاً  مـُلاحظه  وضع جسم  المريضه  و خطوتها  و طريقه  مشيتها ,  و الظهر و
 البطن  و الأرجل . البطن و  الحوض  يـُفحصا  جيداً  للبحث  النقاط  المـُتفجرة  المـؤلمه  , لنصل  الى  التشخيص  الصحيح  و  من  ثم  العلاج  المناسب.

Lithotomy Pole Covers -  فحص  الجهاز  التناسلى :
لكى  يتسنى لنا  فحص  الجهاز  التناسلى  للمرأة  يفضل أن  تستلقى  المرأة  فى  وضع  يسمى  وضع  "  ليـثـوتـومـى  " و  فيه  تستلقى  المرأة  على  ظهرها  مع  ثنى  مفصلين  الفخذين  قليلا  مع  ثنى  مفصلين  الركبتين  قليلا  مع  أبعاد  الفخذين عن  بعضهما .           
يتيح  هذا  الوضع  للآتى  :
lithotomy position.  رؤيه  الأعضاء  التناسليه  الخارجيه .
.  أختبار الأحساس  بالمنطقه .
.  أتاحه  الكشف  اليدوى  المهبلى  للأعضاء  التناسليه .
.  أتاحه  الكشف  اليدوى  المهبلى  -  الشرجى .
.  أتاحه  الفرصه  للكشف  بالمنظار  المكبر  المضيىء . 

و أثناء  الفحص  يجب  التركيز على  التفاصيل  الدقيقه  الخاصه  بالجهاز  العضلى –  العظمى  مثل  البحث  عن  أى  سبب  أو  مشكله  تسبب  زيادة  فى  أنقباض  عضلات  قاع  الحوض ,  و  هل  توجد  نقط  مؤلمه . و التركيز  أيضا  على  وجود  تغييرات  فى  الجلد  و  درجه  الأحساس  و  هل  يوجد  تنميل  فى  أجزاء  منه , هذا  ممكن  أن  يــُعطى  فكرة  واضحه  عن  أى  الأعصاب  المـُسببه  للألم .
 البحث  الدقيق  فى  جدارى  البطن  و  الحوض  عن  وجود  النقط  المتفجرة  المؤلمه . و قد  يتضمن  الفحص  بأن  ترفع  المريضه  رأسها  و هى  مستلقيه  على  ظهرها  وفى  هذا  الوضع  يتبين  ما  إذا  كان  الألم  بجدار البطن  و الحوض  أم  بداخل  الحوض .  و  ليس  فقط  فحص  الشفرين  الكبيرين  الخارجيين  للمهبل  بل  يجب  أن  يشمل  الفحص  كل  المنطقه  الخاصه  بالمهبل  و  فتحه الشرج  سواء  بالنظر و  أيضاً  باللمس  الخفبف  لبيان  مكان  الألم .  ثم  أدخال  أصبع  واحد  الى  داخل  المهبل  و الضغط  باليد  الأخرى  من  الخارج  من  منطقه  العانه  فى  محاوله  للمس  الأصبع  الداخلى  مع  أحداث  ضغط  على  الأعضاء  الداخليه  بينهما  ,  أثناء  الضغط  على  أعضاء  الحوض  باليدين  يتبين  موضع  الألم  بالحوض  و  معرفه  أى  عضو  سبب  الألم  (  مثل  الرحم  أو  أحد  المبيضين  أو  المتعلقات ....الخ ) .

و  أيضا  يجب  عمل  فحص  مهبلى – شرجى  و  ذلك  بأدخال  أصبع  السبابه  بالمهبل  و  أصبع  الوسط  من  نفس  اليد  بفتحه الشرج  لفحص  الأنسجه  بينهما  ,  فإذا  وجد  بها  آلام  أو  تضخم  فغالبا  ما  يكون  التشخيص  مرض  الأندوميتريوزيس . و  أيضاً  يجب  أن  تـُسأل  المريضه  أن  تحزق  لفحص  عضلات  البطن  و أيضاً لتشخيص  السقوط  المهبلى  الرحمى ,  أيضاً  تـُسأل  المريضه  أن  تكـُح  و النظر  الى  فتحه  خروج  البول  و  مـُلاحظه  ما  إذا  خرج  بول  منها  أثناء  الكحه  هذا  يدل  على  وجود  عدم  تحكم  بالبول  أى  سلس  بولى .  و من  ثم  يوضع  منظار  مهبلى  داخل  المهبل  لرؤيه  ما  إذا  وجد  أى  التهابات  أو  أى  شيىء  غير  طبيعى  بالمهبل  و عنق  الرحم .
       
ج – الفحـوصـات  الـطـبيه  التشخيصيه :

-  أن  قرار أجراء  أحد  أو  بعض  الفحوصات  المعمليه  أو  التصوير  بأى  من  أنواع  الأشاعات  يعتمد  أساسا  على  الرغبه  فى  تأكيد  التشخيص  أو  فى  أستبعاد  الأسباب  الأخرى  المتشابهه  و كذلك  أستبعاد  أى  أمراض  أخرى  تهدد  الحياة ,  و  كذلك  تجرى  الفحوصات  المعمليه  قبيل  بدء  العلاجات  العقاقيريه  أو  الجراحيه  لبيان  ملائمه  المريضه  للعلاج .
- أختبار  صورة  دم  كامله  و أختبار  سـرعه  ترسيب  ,  و  أن  كان  هذان  الأختباران  غير  مُخصصين  لمرض  معين  بذاته  و  لكنهما  مـُفيدان  فى  الأستدلال  على  و  جود  التهابات  أو  وجود  أمراض  جرثوميه  بكتيريه  و  أحيانا  وجود  أمراض  سرطانيه .
- أختبارات  البول  مثل  تحليل  البول  كاملا و عمل  مزرعه  و  فحص الخلايا  التى  قد  تكون  به.    
- أختبارات  و  فحوصات  للأمراض  و  الألتهابات  التى  تنتقل  عن  طريق  الأتصال  الجنسى , مثل  الزهرى  و  السيلان  و  التهابات  الكبد  الوبائى  نوع  "ب"  و  الكلاميديا  و  الفيروسات  ذات  الصله ...الخ .
-  تحليل  الهرمونات ,  هرمونات  تنشيط  المبيضين  فى  حالات  ألآلام  المزمنه  نتيجه  وجود  بواقى  المبيض  بعد  عمليه  أستئصالهما ,  و  تحليل  هرمونات  الغدة  الدرقيه  مثل  حالات  الأكتئاب  الناتج  عن  قله  هرمون  الغدة  الدرقيه .
-  الفحوصات  بمختلف  الأشاعات : قد  نحتاج  واحداً  أو  أكثر  من  هذة  الفحوصات  حسب  ما  تقتضى  الحاله:
 * أشعه  الرنين  المغناطيسى و  هى  وسيله  آمنه  بدون  مخاطر الأشعاع  و تُعطى  صورة  دقيقه  جداً .
 *  أشعه  مقطعيه .
 *  أشعه  موجات  فوق  صوتيه  عن  طريق  البطن  أو  المهبل .
 *  أشعه  أكس .
 *  أشعه  على  الفتاق  لتشخيصه .
 *  فحص  العظام  بالأشعه .
 *  أشعه  بالصبغه  على  الرحم  و الأنابيب .
 *  أشعه  بالصبغه  يالباريم  على  الجهاز  الهضمى  خاصه  على  المستقيم  و  الشرج .
 *  أنواع  مختلفه  من  الأشاعات  للجهاز  الهضمى .
    
المناظير التشخيصيه  و  الجراحيه :
 
و تستخدم  للتشخيص  و  أحيانا  فى  العلاج  و  أيضا  فى  المتابعه . هى  على  سبيل  المثال : منظار  البطن  , و منظار  الرحم  المضيىء  , و منظار المثانه  البوليه  ,  و منظار  القولون  , و منظار  الشرج .
و  يعد  منظار  البطن  من  أشهر و  أكثر  المناظير  أستخداماً  فى  حالات  آلام  الحوض  المزمنه  حيث  أنه :
*  أكثر  من 40 %   من  مناظير البطن  التشخيصيه  و الجراحيه  تُجرى  لمريضات  آلام  الحوض  المزمنه .
*  أكثر  من 60  %  من  مريضات  آلام  الحوض  المزمنه  تم  تشخيص  أشياء  غير  طبيعيه  بالحوض   بأستخدام  منظار  البطن  التشخيصى .
و  من  أشهر  الأشياء  الغير  طبيعيه  التى  يتم  تشخيصها  بمناظير البطن  التشخيصيه  فى  حالات  آلام  الحوض  المزمنه  هى  الأندوميتريوزس  و التصاقات  بالحوض  و  التهابات  مزمنه  بالحوض ,  و  أيضا  يتم  تشخيص  أكياس  بالمبيض  و أنواع  متعددة  من  الفتاق  و أحتقان  الحوض  و بواقى  المبيضين  بعد  جراحه  أستئصالهما  و  كيس  بريتونى  بعد  جراحه و  كذلك  أمراض  الأنابيب .
-  وضع  خـريـطــه  لـلألــم  و  ذلك  بعمل  منظار بطن  تشخيصى  تحت  تأثير  عقاقير مـُزيله  للألم  و ليس  تخدير كلى  , أى  أن  المريضه  تكون  يـَقـِظه  و  تتحاور  مع  الجراح ,  و  ذلك  بطريقه  خاصه  بمعرفه  طبيب  التخدير و تكون  المريضه  على  ترابيزة  العمليات ,  و بإستخدام  منظار  بطن  رفيع  جداً  و بأستخدام  ألآت  رفيعه  دقيقه  ,  يتم  تحريك  أعضاء  الحوض  مثل  الرحم  و  المبيضين  والأنبوبين و الألتصاقات  و أكياس  المبيض ...الخ . و مع  تحريك  أى  جزء  بالحوض  يتم  سؤال  المريضه  هل  يوجد  ألم  مع  تحريك  هذا  أو ذاك و  من  أجاباتها  يتم  معرفه  أين  مَكمن  ألآلام  بالضبط  ,  و  هذا  ما  يـُطلق  عليه  خريطه  الألم  , و  بعد  أن  يـُعرف  بالضبط  آلاماكن  المؤلمه , يقوم  طبيب  التخدير  بعد  ذلك  بتنويم  المريضه  بالتخدير  الكلى  التام  و  يقوم  الجراح  بالأجراء  الجراحى  المناسب  بالمنظار  الجراحى  مثل  فك  الألتصاقات  التى  تسبب  الألم  أو  أستصال  أكياس  المبيض  أو  تحطيم  بالكى  لأماكن  الأندوميتريوزيس  المؤلمه .... الخ . 
-  دراسه  ديناميكيه  البول  عند  أمراض  الجهاز  البولى  المـُسببه  لآلام  الحوض  المزمنه.
-  دراسه  سرعه  توصيل  الأعصاب  للكهرباء  ,  لفحص  سلامتها  و  حسن  أداؤها .
- قياس  دلالات  الأورام  ,  و  لكن  نود  أن  نـُركز  على  أشهرها  و هو "  سـى  أيه  125"  و   هو  ذو  حساسيه  و  خصوصيه  ضعيفه  , أى  أنه  غير  مـُخصص  لورم  معين  محدد  ,  أنما  يرتفع  فى  حالات  العديد  من  آلامراض  و الأورام  الحميدة  منها   و الخبيث  ,  فعلى  سبيل  المثال    فأنه  قد  يرتفع  فى  حالات  الأندوميتريوزس  و  الأورام  الليفيه  بالرحم  ( و  هى  أورام  حميدة )  و  أيضا  للأورام  الخبيثه  فى  كل  من  المبيضين  و  الغشاء  المبطن  لتجويف  الرحم  و القولون  و  الثـدى  ,  و  كذلك  قد  يرتفع  أيضا  الـ "  سى  أيه  125"   فى  حالات  الألتهابات  المزمنه  بالحوض ,  و كذلك   الحمل  و  أحيانا  يرتفع  مع  نزول  الدورة  الشهريه .