مقدمة  
  اسباب خاصة بأمراض النساء ولكنها خارج الرحم  
  اسباب خاصة بأمراض النساء ولكنها خاصة بالرحم  
  اسباب خاصة بالجهاز البولى  
  اسباب خاصة بالجهاز الهضمى  
  اسباب خاصة بالجهاز العضلىوالعظمى  
  اسباب خاصة بالصحة النفسية  
  اسباب اخرى متنوعة  
  كيفية تناول ومعالجة حالات امراض الحوض المزمنة  
  علاج امراض الحوض المزمنة  
  النموذج  

 أسباب  خاصه  بالجهاز  الهضمى

-   ظــاهرة  تهـيج  الجــهــاز  الهـــضــمى  ( أو مرض   تشنج  القولون )
-   مرض   التـهـــاب  الـقـولــون
-  آلامساك  المـُزمن
-  الــفـتـاق  بأنواعه  المختلفه  ,  فتاق (  باطنى  , إنجوينال  ,  فيمورال  )
- أسباب  أخرى  متعددة  نادرة الحدوث

* 1 *  ظــاهرة  تهـيج  الجــهــاز  الهـــضــمى  ( أو مرض   تشنج  القولون ) :

هو  خلل  فى  وظـيـفـه  الـقـولـون  و يتصف   بآلام  بأسفل  البطن  ( الحوض)  و تغيير  فى  نظام  التبرز ( ممكن  أسهال  أو أمساك ) مع  عدم  وجود  أى  عيوب  جوهريه  فى الشكل  أو التركيب  التشريحى  للقولون  و  عدم  وجود  شيىء  غير  طبيعى  فى  نتائج  التحاليل  الروتينيه . و غالبا ما  يختفى  هذا  الألم  أثناء  النوم .
و مرض "  ظاهرة  تهيج  الجهاز  الهضمى  "  ( أو  مرض   تشنج  القولون )  هو  من  أهم  أسباب  آلام  الحوض  المزمنه ,  و  هذا  المرض  هو  أكثر  أمراض  الجهاز  الهضمى  تشخيصا   بين  المرضى   فى  عيادات  أمراض  الجهاز  الهضمى  من  ( 20  %   الى 50  %  )  ,  و  نسبه  أصابه  المرأة  ثلاثه  أضعاف  أصابه  الرجل  ,  و يـُعـتبر هذا  المرض  مرض  مـُزمن  و  يصيب  المرأة  من  عمر  15 الى  45  سته ,  و  غالبا  ما  يبدأ  هذا  المرض  فى  عمر  مبكرة  أى  بعد  البلوغ   بفترة  ما  غير  طويله  . و  بالرغم  من  أنه  مرض  مزمن  ألا  انه  عبارة  عن  تغييرات  حميدة  و لا  يتطور الى مرض  آخر  و لا  يزيد  نسبه  أو  خطورة  مرض  آخر .  و  عموما  أن  مرض  تهيج  الجهاز الهضمى  ( أو مرض   تشنج  القولون )  مرض  لا  يـُهدد  الحياة  أو  غير  مـُميت  للمصابين  به .

  أعــرا ض   مرض   تـهــيج   الجــهـاز  الـهـضـمى   ( أو مرض   تشنج  القولون )  :    
-  آلام  بأسفل  البطن  قد  تكون  مـُتصله  و  قد  تكون  مغص  مـُتـقطع .
- أنتفاخ  بالبطن  و  يزداد  سوءاً  فى  نهايه  اليوم .
- أحيانا  الشكوى  من  الأسهال  أو  الشكوى  من  آلامساك .
- البراز  غالبا  ما  يكون  محتويا  على  مخاط .
- بعد  الأنتهاء  من  التبرز ,   يوجد  أحساس  بأن  عمليه  التبرز  غير  كامله  و لديها  الرغبه  فى  التبرز  مرة  أخرى .
-  ألم  بالحوض  مُـبـهـم  غير  محدد  بالضبط  ,  و يكون  على  هيئه  نقح  ( كالنبض ) ,  يستمر عدة   ساعات  بعد  المعاشرة  الجنسيه .
-  ألم  على  الجهه  اليمنى  و اليسرى  من  الحوض .
و  أذا  أردنا  الدقه  العلميه  الطبيه  فى  تشخيص  و  تحديد  أعراض  المرض  فأننا  سوف  نعتمد  على  ما  نصت  عليه  هيئه  أو  لجنه  " روم  "   فى  تحديد  أعراض  و  مواصفات  المرض  للتشخيص  الدقيق ,  و  طبقا  لهذة  اللجنه  فأن  التشخيص  الـمـُعترف  به  ,  يعتمد  على  وجود  آلام  أو عدم  راحه  بالبطن  و يجب  ان  تكون  مدتها  12  أسبوع  ( لا  يـُشترط  أن  تكون  مـُتصله)  خلال  الـ  12  شهرا  الماضيه , و أن  هذة  ألآلام  لها  على  الأقل  صفتين  من  الثلاث  صفات  الآتيه  :
-  هذة  ألآلام  تخف  و  تستريح  بعد  التبرز .    1
2   -  ألآلام  يصاحبها  تغيير  فى  عدد  مرات  التبرز  المعتادة (  أسهال  أو  أمساك ).      
  3   -  ألآلام  يصاحبها  تغيير  فى  نوعيه  البراز  من  ليونه  أو  صلابه . 

و ألآتى  بعض  من  الأعراض  التى  تدعم  و  تؤيد  التشخيص  مثل  :

                1  -   عدد  مرات  التبرز  غير  طبيعى .
                2  -   طبيعه  البراز  مختلفه .
            3  -  طريقه  التبرز غير  طبيعيه  ( مصحوبه  بحزق  ,  الرغبه  المـُلحه  الفوريه  فى  التبرز  و أحيانا  مع  عدم  التحكم  طبيعيا  فى  التبرز أمام  هذة  الرغبه  الملحه , الشعور  بعد  التبرز  بعدم  التفريغ الكامل  للبراز ) .     
               4  -    خروج  مخاط  مع  البراز . 
           5  -    أنتفاخ  بالبطن .

و  نصت  لجنه  "  روم "  أيضا  أنه  لتأكيد  التشخيص  أنه  يجب  :

       1- أن  يكون  عدد  مرات  التبرز  أقل  من  ثلاثه  مرات  أسبوعيا .
       2- أن  يكون  عدد  مرات  التبرز  أكثر  من  ثلاثه  مرات  يوميا  .
       3- البراز  صلب  أو  لين  (  أو  هلامى  مخاطى  أو  سائلا  مائى).
       4-  الشعور  بآلامتلاء  و  عدم  الراحه  و  الأنتفاخ .

أما  الأعراض  الغير  متصله  بالمرض  و  ليست  منه  و  وجودها  لا  يشخص  المرض  و  ليست  لها  علاقه  به  و  هذة  الأعراض  هى  :

 1 -  ألم   بالبطن  أثناء  النوم  أو يوقظ  المريضه  من  النوم  .
2  -  أسهال  يوقظ  المريضه  من  النوم .
    3  - وجود  دم  بالبراز  سواء  كان  هذا  الدم  يرى  بالعين  أو  لا  يرى  بالعين  ( و  يشخص  بالتحليل        الميكروسكوبى  للبراز ) .
4  - وجود  أرتفاع  بدرجه  الحرارة  بالجسم  .
    5 -  وجود  أى  ظواهر غير  طبيعيه  عند  الكشف  العام  على  المريضه (  حيث  دائما  يفترض  فى  هذا  المرض  ان  يكون  القولون  سليم  تماما  من  عيوب  تشريحيه  أو  كيميائيه ).      

و  لأن  آلام  الحوض  المزمنه  و مرض  تهيج  الجهاز  الهضمى  ( أو مرض  تشنج  القولون )   أحيانا  يكونان  متشابهين  تماما  و  لهما  نفس  الأعراض  لدرجه  أنه  من  الصعب التفريق  بينهم ,  و  هناك  حقيقه  تقول  أن  من  10  %  الى  60  %  من  المترددات  على  عيادة  آلام  الحوض  المزمنه ,  لديهن  مرض  تهيج  الجهاز  الهضمى ( أو مرض   تشنج  القولون )   .

 و أن  ألآلام  بأسفل  البطن  و  كذلك  ألآلام  بعد  المعاشرة  الزوجيه  و  أزدياد  ألآلام   قرب  الدورة  الشهريه ,  جميع  هذة  الأعراض ,  تتشابه  كثيرا  مع  كل  من  المرضين .
و أيضا  قد  تتداخل  أعراض مرض  تهيج  الجهاز  الهضمى  ( أو مرض   تشنج  القولون )  مع  أعراض  كل  من  الضغط  العصبى  و  مرض  " الفيبروميالجيا "  و مرضى  الأضطرابات  الذهنيه .  و  يجب  التأكيد  على  وجود  العنصر  النفسى  و  العنصر  العصبى  من  مسببات  مرض  تهيج  الجهاز  الهضمى ( أو مرض   تشنج  القولون )  و كذلك  آلام  الحوض  المزمنه  . 

أسباب   مرض  تهيج  الجهاز  الهضمى  ( أو  مرض   تشنج  القولون ) :

    1-  قد  يكون  المرض  نتيجه  وجود  بكتريا  و  جراثيم  بالقولون ,  و هناك  دراستين  أكدت  بأن  ثـُلث  المريضات   قد  شـُفين  بواسطه  المضاد  الحيوى  للقولون  (  نيومايسين ). 

2-  الأجهاد  و التعب  و الخلل  النفسى  أو  العاطفى  و  الشد  العصبى  غالبا  ما  يؤدوا  الى  هذا  المرض ,  و  ذلك  يـفسر  بأن  القولون  مـُتصل  به  أعصاب  كثيرة  و هذة  الأعصاب  متصله  بالمخ  ,  و أيضا  هذة  الأعصاب  مسئوله  عن  أنتظام  عمل  و  أنقباضات  القولون ,  وعند  أوقات  الخلل  أو الضغوط  النفسيه  أو  العاطفيه  السيئه  أو  الشد  العصبى  يحدث  بالمخ  تغييرات  غير  طبيعيه  تؤدى  الى  حدوث
أنقباضات  غير  طبيعيه  بالقولون .
3 -  قد  يكون  السبب  وجود  خلل  فى  جهاز  المناعه  بالجسم  الذى  يقاوم  الألتهابات , ولكن  أيضا  جهاز  المناعه  يتأثر  بالأجهاد  الذهنـى  و  العاطفى  و الشد  العصبى , و لهذا  فأن  علاج  الحالات  الأخيرة  يؤدى  الى  شفاء  المرض .

الجهاز الهضمى الطبيعى         صور تبين  القولون به أجزاء مـُنقبضه و مـُنتفخه و هذة أعراض تهيج  القولون
 
  عــلاج  مرض تهيج  الجهاز  الهضمى ( أو مرض   تشنج  القولون )  :

من  أهم  طرق  العلاج  هو أولا   بـث  الـطـمـأنـيـنـه   فى  نفس  المريضه ,  بأفهامها  بأن هذا  المرض  ليس  مميتا  و لا  يهدد  الحياة  ,  و  أن  العلاج  قد  يكون  فقط   تنظيم  نوعيه  الأكل .
 
النظــام  الـغـذائى :    **

بعض  الدراسات  أثبتت  وجود  حساسيه  الجسم   لبعض  الأطعمه  و هذة  الحساسيه  تؤدى  الى  ظهور  أعراض  المرض  ,  و  بالتجربه  التوقف  عن  تناول  هذة  الأطعمه  يؤدى  الى   تقليل  حدة  أو حتى  أختفاء  أعراض  المرض .
ثم  تناول  أطعمه  تحتوى  على  ألياف  سهله  الذوبان  يساعد  فى  علاج  مرض تهيج  الجهاز الهضمى ( أو مرض   تشنج  القولون ) و  تقلل  من  كل  من  الإمساك  و  الإسهال و  أيضا  تقلل  من  مستوى  الكوليستيرول  بالدم   و يقال  أيضا  أنها  تحمى  من  عدة  سرطانات  . 
و معظم  الأطعمه  تحتوى  على  الألياف  بنوعيها  ألياف  لا  تذوب  و ألياف  سهله  الذوبان.

و الأطعمه  ذات  الألياف  سهله  الذوبان  غالبا  ما  توجد  فى  الأطعمه  ذات  الحبوب  الكامله  (مثل الذرة ) و  الفشار و  الفواكه  و  الخضروات  و  المكسرات  و الأرز  و  الصويا  .

و التنبيه  على  أن  الفاكهه  التى  يغلب  فى  مكوناتها  الألياف  السهله  الذوبان  مثل  التفاح  و المشمش و  البرتقال  و اليوسفى  و الجريبفروت  و البرقوق , و الخضروات  مثل  البطاطس  المسلوقه و البروكلى  و  الجزر و البسله  و الكوسه .  و  أيضا  ينصح  بتناول  وجبات  صغيرة  منتظمه  المواعيد  ,  و  كذلك  ينصح  بالأبتعاد  أو  التقليل  من  بعض  المأكولات  مثل  اللحوم  الحمراء  ,  و الأطعمه  الزيتيه  و الدهنيه  ( المقليات  أو  المحمرات  فى  الزيت  أو  السمن  أو  الزبدة ) ,  التـقـليل  من المشروبات  مثل  منتجات  الألبان , الشيكولاته  , القهوة  ,  الكحوليات  ,  المشروبات  الـمُسـَكرة  بسكر  السوربيتول , المواد المُسَكرة  او المُحلّيه  الصناعيه (  أى  المواد  الصناعيه  التى  تستخدم  بديلا  للسكر  ) .

و عموما  يجب  الأبتعاد  عن  الأطعمه  التى  تُحدث  حساسيه  أو التى  ثبت  أنها  تسبب  آلام  البطن ,  كذلك  يـُنصح  بعدم  تناول  الدهون  و سكر الفركتوز.  كل  هذا  يقلل  من  حدة  الأعراض .

 

**  الــــعـقـاقـــير :

-  فى  الحالات  البسيطه  من  المرض  ,  حيث  تكون  الآعراض  خفيفه  و الألم  مُحتمل  و تكون  الشكوى  أما  أسهال  و أما  أمساك  ,  فيكون  العلاج  بالعقاقير  التى   ضد  الأسهال  أو عند  آلامساك  فتكون  العقاقير  الـمُـلـينه  التى  تحول  البراز  من  صلب  ناشف   بمتاعبه  الى  طرى  لين  سهل  التبرز .

-  و  فى  حاله  الشعور  بمغص  فـتـُعطى  عقاقير  مضادة  للمغص ,  و أن  كانت  تلك  الأدويه  ليس  لديها  القدرة  الحقيقيه  للقضاء  على  المغص  أنما  تـُشفى  المريضه  بالأيحاء  غالبا ,  لأن  بعض  الدراسات  أثبتت  أنه  فى  حاله  المغص  عندما  أعطيت  المريضه  علاج  وهمى  ( مثل  حبوب  فيتامينات  أو  أى  عقار ليس  له  وظيفه )  فأن  المريضه  سوف  تشعر  بنفس  الأرتياح , وهذا  يؤكد  أن  المغص  نفسى  أو نتيجه  ضغوط  عصبيه  و أى  أيهام  بأى علاج  يريحها .

- أدويه   ضد  الأكتئاب  بجرعه  بسيطه , و هى  أكثر ألأدويه  وصفاً  لهدا  المرض  للمساعدة على  أزاله  و  راحه  المغص  وأزاله  الشعور  بعدم  الراحه  بالبطن  و  أيضا  تـُحسن  كل  من  الأسهال  أو آلامساك  المصاحبين  للمرض .
- كبسولات  من  زيت  النعناع  ,  قد  أثبتت  نجاحاً  و  فاعليه  ملحوظه  فى  علاج  أعراض المرض  سواء  فى  البالغين  و  الأطفال .

- بعض  الدراسات  قد  أقترحت  دواء  لعلاج  الأنتفاخات  و الغازات  المزعجه  بالبطن  مثل  حبوب  الـ " لوفتال " ,  و  فعلا  قد  أظهر  العلاج  نجاحا  ملحوظا .
 
**  العلاج  بالتنويم  المغناطيسى :

توجد  أبحاث  مهمه  للعلاج  بواسطه  التنويم  المغناطيسى  , حيث  تأكدت  العلاقه  الوثيقه  بين  المخ  و  الجهاز  الهضمى . و عن  طريق  بعض  التدريبات  الذاتيه  التى  تقوم  بها  المريضه  بنفسها  لمدة  طويله  لا  تقل  عن  خمس  سنوات ,  يمكن  أن  تقلل  أو  تزيل  الأعراض .

** الخميرة  و  بعض  فصائل  من  البكتريا :

لقد  وجد  من  المفيد  فى  علاج  هذا  المرض  أستخدام  الخميرة  و بعض  فصائل  البكتريا  مثل 
"  لاكتوباسيلس  بلانتارم  " .  و  أيضا  بعض  فصائل  من  "  بيفيديو باكتيريا "  التى  وجـِد  أنها  تـُساعد  على  جعل  حركات  آلامعاء  طبيعيه  و  تظبط  التبرز و  تمنع ألآلام . و  حديثا   بعض  الأطباء  يوصون  بأستخدام  باكتريا  " لاكتوباسيلس" , و هى  منتشرة  و معروفه  و قد  وجد  أن  هدة  السلاله  بالذات  لها  المقدرة  على  أن  تتحمل  حموضه  المعدة  و  تظل  حيه  الى  أن  تصل  الى آلامعاء  الدقيقه  و آلامعاء الغليظه  فتؤدي  إلي  تنظيم  عملها   فتؤدي  الى  تخفيف  الأعراض  أو أزالتها .

 

**  الأبر  الصينيه :

أن  الطب  الصينى  التقليدى  و فى  مقدمتها  الأبر  الصينيه  ,  يزداد  -  هدة  الأيام  -  أنتشــاراً  و قبولا  لدى  العامه  من  الناس , و  قد  دخل  فى  علاج  الكثير  من  المشاكل  الطبيه  و  يزاحم  الطب  الحديث  فى  كثير  من  الأحيان .
أن  خبراء  الطب  الصينى  التقليدى  لا  يعترفون  بهدا  المرض - مرض تهيج  الجهاز  الهضمى ( أو مرض   تشنج  القولون )  -  كما  يعترف  به  الطب  الغربى  الحديث  (  لأنه  على  حسب  وجهه  نظرهم  , أنه  لا  وجود  لهدا   المرض  ,  لأنه  غير  معروف  أسبابه  و لا  يوجد  أختبار  معملى  لتشخيصه ) , و بالتالى  يـُستخدم  خبراء  الطب  الصينى  التقليدى ,  الأبر الصينيه  فى  علاج  الأعراض , عرض  بعد  عرض  و لا  يتعاملون  مع  الأعراض  كأعراض  لمرض  واحد  معروف . و قد  أثبتت  الأبر  الصينيه  بعض  النجاحات  فى  أزاله  بعض  الأعراض   و لا  تفسير  لذلك  لدى  الطب  الغربى  الحديث  بوسائله  العلميه  الدقيقه .

**  علاج  الأجهاد  أو  الضغط  النفســى:

يوجد العديد  من  الأثباتات  التى  ترجح  فكرة  أرتباط  وثيق  بين  مرض  تهيج  الجهاز  الهضمى ( أو مرض تشنج  القولون )  و جهاز  المناعه  بالجسم  الذى  يـُحارب  الألتهابات .
و جهاز  المناعه  أيضا  يتأثر  بقوة  بالأجهاد  و الضغط  النفسى ,  و  لهدا  أصبح  علاج  مرض  تهيج  الجهاز  الهضمى ( أو مرض   تشنج  القولون )  يحتاج  الى  علاج  الضغط  النفسى .
و أسباب الضغط  النفسى  قد  تكون  : مشاكل  العمل  و مشاكل  الحياة  و الأسرة  و الماديات  و الشعور  بالخوف  و المرض  و التهديدات  المختلفه و التغييرات  الحادة  فى  الحياة  و الخوف  من  فـقـد  عزيز  غالى  نحبه  أو  فـقـد  ثـَروّه  أو التحـّول  من  حال  لحال .....  الخ .
و  العلاج  النفسى  هو العلاج  الذى  يـُجـَهز  المريضه  بمقدرة  خاصه  للتغلب  على  الضغط  و  التوتر  النفسى  و  قد  يحتوى  العلاج  النفسى  على الآتى  : 
-  تدريب  المريضه  على  أن  تفهم  نفسها .
-  تدريب  المريضه  على  أن  تعالج  نفسها  بنفسها .
- التدريب  على  أتخاد  المواقف  الأيجابيه  و  مواجهه  المشاكل  و  التحديات  بقوة  و تحدى. 
 بعض  التدريبات  الرياضيه .

  • - نظام  تغديه  خاص .
  • -  تدريبات  و علاجات  للأسترخاء   للتوتر  النفسى على  سبيل المثال ,  تدريبات  للتنفس , و كذلك 

إستخدام  كرة  التوتر  النفسى  ( و  هى  كرة  مطاطيه  بحجم  قبضه  اليد  غالبا  لا  يزيد  قطرها عن  7  سم  , تـُعصر  و  تـُضغط   بواسطه  راحه  اليد  و الأصابع  ,  لتخفيف  الضغط  النفسى  و الشد  العصبى  ) .

  2  * مرض   التـهـــاب  الـقـولــون  :

أن  مرض  التهابات  القولون  يتشابه  مع  مرض  تهيج  الجهاز  الهضمى ( أو مرض   تشنج  القولون )  فى  كثير  من  الأعراض  مثل ألآلام  و  الشعور  بعدم  الراحه  بالبطن  و الحوض , و الشعور المفاجىء  بالرغبه  فى  التبرز , الأنتفاخ  ,  تبادل  حالات  آلامساك  و  الأسهال.
و  أن  كان مرض  تهيج  الجهاز  الهضمى ( أو مرض   تشنج  القولون )  هو  خلل  فى  وظيفه  الجهاز  الهضمى  و  ليس  الخلل  فى  تركيبه  التشريحى  ,  فأنما  مرض  ألتهابات  القولون  فهو  وجود  التهابات  بجدار  آلامعاء  سواء  الدقيفه  أو  الغليظه ,  أى  وجود  مرض  فى  الجهاز  الهضمى  نفسه  أدى  الى  ظهور  الأعراض .

أن  مرض  التهابات  القولون  ينقسم  الى  مرضين  منفصلين  مختلفين  هما :

1 -   مرض  "   كروين  " .

و  يتصف  هذا  المرض  بوجود  التهابات  بجميع  طبقات  جدار آلامعاء  و  فى أى  مكان  منها  سواء  آلامعاء  الدقيقه  أو  الغليظه .  وجود  آلام  بالبطن  و الحوض  هو السمه  السائدة  لهدا  المرض  و  فقدان  للوزن , و أرتفاع  فى  درجه  الحرارة.

     2 -  تقرحــات  القولون .     
 
يتصف  هذا  المرض  بوجود  التهابات  مـُزمنه  وكذلك  تقرحات  بالقولون  فقط  و ليس  بآلامعاء الدقيقه.
أن  المواد  السامه  التى  تتراكم  بالجهاز  الهضمى  نتيجه  مرض  التهابات  القولون  قد  تكون  ضارة            مما  يسبب  قتل  لمعظم  الخلايا  المبطنه  للقولون  و  قد  يسبب  صديد  و  نزيف  من  القولون  و هذة  السموم  قد  تؤثر سلبا  على  الأعصاب  المغديه  للجهاز  الهضمى  أو جهاز  المناعه  به . و  هذا  المرض  قد   يحدث  فى  أى  عمر  و  لكنه  غالباً  ما  يبدأ  فى  العمر  ما  بين  15 – 30  سنه  ,  و  أقل  حدوثا  فى  العمر  ما  بين  الـ 50 – 70 سنه .و يكثر فى  بعض  الأُسر  بعينها .

  الأعراض :

 أنيميا  ,  الشعور بالأجهاد  المستمر , فقدان  للشهيه ,  فقدان  للوزن  , نزيف  من  الشرج  , آلام  مزمنه  بالمفاصل  و  الحوض .
 و  يرجح  السبب  فى  حدوث  المرض  هو  وجود  خلل  بجهاز  المناعه  أو الأجهاد  النفسى  و  العاطفى  ,  أيضا  قد  يكون  الحساسيه  من  بعض  الأطعمه .

التشخيص :

تحليل براز ( وجود  دم  و  صديد ) , أجراء  مناظير للشرج  و للمستقيم  و للقولون .

 العـلاج :

يعتمد  على  عدة  عوامل  و مدى  شدة  الأعراض  و من  أهم  العلاجات  :

 عقاقير :

أمينوسالسيلات ,  كورتيكوستيرويدز  , منظمات  عمل  جهاز  المناعه , و  يستخدم  بعض  الأطباء   طريقه   للوقايه  و هى  أستخدام  ما  يسمى  بالـ   " بروبـــيـوتـك ".
و  جدير  بالذكر  أن  البروبيوتك  ليس  فقط  لتنظيف  الجهاز  الهضمى  من  المواد  الضارة  الغريبه   أنما  أيضا  تساعد  على  حدوث  عدد  من  العمليات  المفيده  الأخري  مثل  أعاده  النسبة  الصحيحة  و الأعداد  المناسبة  للبكتريا  النافعة  و المطلوبه  لوظائف  الجهاز  الهضمى . و  لكن  ما  هى  البروبيوتك  ؟
هى  بكتريا   و  لكن   نافعه  و مـُساعدة  على  أداء   كثير من  العمليات  الـمـُفيدة  لأداء  وظائف  الجهاز  الهضمى ,  و  هى  تـُستخدم  فى  علاج  كل  من مرض  التهابات  القولون  و مرض  تهيج  الجهاز  الهضمى ( أو مرض   تشنج  القولون )  و أنه  علاج  فعال و  مفيد  نظراً  لقيامه  بعدة  طرق  أهمها :
-  البروبيوتيك  يساعد  على  تقليل  عمليات  الألتهابات  و  يقلل  من  تقدمها  و  تطورها .
-  البروبيوتيك  يعمل  على  أستعادة  حركه  آلامعاء  الصحيحه  الطبيعيه .
-  البروبيوتيك  يساعد  على  تصحيح  حركات  آلامعاء  الغير  طبيعيه .
-  البروبيوتيك  يقلل  من  كميه  الغازات  و الأنتفاخ   بالبطن  الناتتجه  من الألتهابات.
-  البروبيوتيك  يزيد  من  مناعه  الجهاز  الهضمى  لمقاومه  الطفيليات  و  الألتهابات .
العلاج  الجراحى :

ما  يقارب  نصف  المرضى  سينتهى  بهم  المطاف  إلى  إستئصال  القولون  نتيجه  كثرة  النزيف  , أو  لشدة  المرض  أو  لأنفجار  القولون  أو  لمخاطر  التحول  الى  سرطان  بالقولون . بعد  أن  يـُستأصل  القولون  يتم  توصيل  آلامعاء  الدقيقه  بالشرج  مباشرة .

 

  آلامـسـاك  الـمُـزمن :   *    3 *

أن  آلامساك  المـُزمن  يـُعد  من  أهم  أسباب  ألآلام  المـُزمنه  بالحوض  و  تكون  على  هيئه  الشعور  بثـُقل  و  أمتلاء  و أنتفاخ  و عدم  راحه  و  أحياناً  مغص .  و يـُعرف  آلامساك  بأنه  قله  الذهاب  لدورة  المياة  للتبرز  و  أُتـُفق  على  أنه  أقل  من  ثلاثه  مرات  بالأسبوع .  و  يصاحب  آلامساك  أن  البراز  غالباً  ما  يكون  صَلباً  ذات  حجم  قليل  و صعب  الخروج  أثناء  التبرز  و  تكون  عمليه  التبرز  مؤلمه  و بحزق  مـُجهـِد . و  آلامساك  فى  حد  ذاته  ليس  مرض  أنما  هو  عرض  ,  و  تقريباً  كل  شخص  قد  تعرض  لأوقات  من  آلامساك و  قد  كان  عرضاً  مؤقتاً و  ليس  خطيراً .  و لكن  الخطورة  و ألآلام  عندما  يكون  مـُزمناً .
 أسباب  آلامساك  المزمن :
  بما  أن  آلامساك  يحدث  نتيجه  أزدياد  أمتصاص  الـقولون  للماء  من  البُراز و تباطؤ  الحركه  بالقولون  فينتج  تأخر  التبرُز و جفاف  البراز , و هذة  هى  بعض  أسباب  آلامساك :
-  الغذاء  الذى  لا  يحتوى  ألياف  بالقدر  الكافى  ,  و  الأشخاص  الذين  يحتوى  طعامهم  على  كمبات  كثيرة  من  الألياف  لا  يعانين  من  آلامساك  ,  لأن  أشهر  سبب  له  هو  نقص  الأطعمه  القليله  الألياف  مثل  أنواع  الجبن  و  البيض  و  اللحوم .  أما  الألياف  (  سواء  التى  تذوب  و  التى  لا  تذوب)  فهى  موجودة  فى  كثير من  الفواكه  و الخضروات  و الحبوب .  و تقدر  الكميه  المطلوبه  للفرد من  الألياف  بـ 20 - 35  جرام  يومياً .
-  نقص  السوائل  التى  يتناولها  الشخص  و  حالات  الجفاف  .
- نقص  الحركه  الجسمانيه.
-  بعض  العلاجات  مثل  : أدويه  الألم  المـُخدرة  , أدويه  ضد  الحموضه  التى   تحتوى  غلى  ألومونيوم  و  كالسيوم ,  أدويه  الضغط  العالى  التى  ضد  الكالسيوم  ,  أدويه  علاج  المغص , أدويه  الحديد , مـُدرات  البول.
- الأستخدام  المُستمر و الزائد  للمـُـليـنات .
- تكرار  تجاهل  الرغبه  المـُلحه  للتبرز  , حيث  أنه  يجب  التبرز  فور  الشعور  بالحاجه .
- بعض  التغيرات  مثل  فى  حالات  السفر  و  تغيير  آلاماكن  و  أثناء  الحمل  و  الشيخوخه .
- بعض  آلامراض  بالمستقيم  و  القولون  مثل  مرض  تـَهيُج  أو تشنج  القولون  و أمراض  أخرى  مثل  البولينا  و  أنخفاض  مستوى  هرمون  الغدة  الدرقيه  و  منتشر  جداً  فى  مرضى  الســكر.
علاج  آلامساك :بالرغم  أنه  من  المعروف  أن  العلاج  يتوقف  على  السبب  , و  لكن  فى  معظم  الحالات  تنظيم  الأكل  و  نوعيته  و تغيير طريقه  الحياة  تـُساعد  فى  علاج  أغلبيه  الحالات .
-  فالطعام  يجب  أن  يحتوى  على  ألياف  فى  حدود 20 – 35  جرام  يومياً  خاصه  من  الأطعمه  مثل  البقوليات  و  الحبوب  كامله  مثل  الذرة و  الردة  و الخضروات  مثل  القرنبيط  و الجزر  و التقليل  من  الأطعمه  قليله  الألياف  مثل الأيس  كريم  و بعض  أنواع  الجبن  و اللحوم  و الخبز  ذو المـُحسنات  بدون  ردة  و  أيضاً  الوجبات  السريعه  التى  ثبت  أن  لها  أضرار  صحيه  كثيرة .                                         -  تغيير طريقه  الحياة  و ذلك  بشرب  السوائل  الكثيرة  وخاصه  عصائر  الفواكه  و الخضروات  الطازجه  و  تشجيع  الحركه  المنتظمه  أو  التدريبات  الرياضيه  اليوميه -  أستخدام  الـمـُليـنات بحذر  و  بأستشارة  الطبيب .                                           -  علاج  آلامراض  المـُسببه  أو  وقف  الأدويه  المـُسببه للأمساك .                                                               

                   
image4 * 4  *   الــفـتـاق:

الفتاق  هو خروج  أو  أنبعاج  أو  بروز  جزء  من ( أو  كل)  أى عضو موجود  بتجويف  البطن  أو تجويف الحوض  من  خلال  فتحه  غير  طبيعيه  فى  جدار التجويف ( جدار  البطن   أو جدار  الحوض )
و يـُعرف  و يـُسمى  الفتاق  بأسم  مكان  وجود  الفتحه  التى  يخرج  أو  ينبعج  منها جزء  من  العضو الداخلى .
و  قد  يحدث  الفتاق  فى  آلاماكن  الآتيه  :
                          1 -  فى  جدار  تجويف  الحوض           

2 -  فى  منطقه  العجان (  و هى  المنطقه  الموجودة  ما  بين  فتحه    المهبل  و  فتحه  الشرج)

3 - فى  جدار و عضلات  قاع  الحوض (  مثل  فتاق  السياتيكا  و  فتاق  الأوبتيوريتور ).
    4- فى  جدار  البطن  ( فتاق  بمنطقه  المعدة  ,  فتاق  بمنطقه  السرة  )
5 -  فتاق  بمكان  جرح  سابق  فى  جدار البطن  .                                                        
6-  أنواع  أخرى  عديدة .

       image5                                   الأعراض :                          
 توجد  أعراض  لكل  نوع  من  أنواع  الفتاق , و  الشكوى  الأساسيه  هى  الألم  ,  فقد  تشكو  المريضه  من  آلام متقطعه  أو  آلام  مزمنه  بالحوض  أو  بالبطن  ,  بالأضافه  الى  أحتمال  الشعور  بالأنتفاخ  و مغص  شديد  أذا  كان  الجزء  الـُمـنبعج  جزء  من  آلامعاء  الدقيقه . و قد  تشعر  المريضه  بشعور يتراوح  من  عدم  الأرتياح  الى  ألآلام  المزمنه  سواء  البسيطه  او الشديدة ,
و أحيانا  ما  يصاحب  هذة  ألآلام  أنبعاج  للفتاق  بسيط  أو  كبير ,  و  خاصه مع  زيادة  الضغط  داخل  البطن  مثل  فى  حالات  الكحه  و  آلامساك  و  الحزق  لأى  سبب .                                                                  
و  فى  دراسه خاصه  بهذا  الموضوع  وجد  ان  حوالى  2 %  من مريضات  آلام  الحوض  المزمنه  قد  تم  تشخيص  السبب  هو  فتاق  السياتيكا  ( أى  ان  نوع  واحد  فقط  من  الفتاقات  يمثل  2 %  من  مريضات  آلام  الحوض  المزمنه  )  و  تحتاج  الى  تدخل جراحى  بالمنظار .
 
الـعـلاج :

العلاج غالبا  ما  يكون  بالتدخل  الجراحى  لأرجاع  المحتويات المُـنبعجه  و كذلك  قفل  الفتحه  التى  تنبعج  منها  المحتويات  و أذا  كانت  الفتحه  كبيرة  غالبا  ما  يـُستخدم " شبكه"  طبيه  .             
و  أحياناً  يستخدم  حــزام  طبى  لرفع  الفتاق و أرجاع محتوياته الى الوضع  الطبيعى و هذا أجراء  مؤقت  الى  أن  تـُجرى  العمليه  الجراحيه .