مقدمة  
  اسباب خاصة بأمراض النساء ولكنها خارج الرحم  
  اسباب خاصة بأمراض النساء ولكنها خاصة بالرحم  
  اسباب خاصة بالجهاز البولى  
  اسباب خاصة بالجهاز الهضمى  
  اسباب خاصة بالجهاز العضلىوالعظمى  
  اسباب خاصة بالصحة النفسية  
  اسباب اخرى متنوعة  
  كيفية تناول ومعالجة حالات امراض الحوض المزمنة  
  علاج امراض الحوض المزمنة  
  النموذج  

عـــلاج  آلام  الحــــوض  المـــزمـنـه  لدى  المـــرأة :

 -  أن  نظام  علاج  آلام  الحوض  المزمنه  للمرأة  نظام  مُـعقد  و  مـُتشابك  و  ذلك  لأحتمال  وجود  عدة  أسباب  مـُتداخله  مُـسـببه  للألم  ,  و غالبا  ما  تحتاج  المريضه  علاج  طبى  و علاج  و نفسى  معاً  و فى   نفس  الوقت.  
-  يجب  أن  تنشأ  علاقه  ثـقه  ,  حـَسنه  ,  قويه  بين  الطبيب  و المريضه  لضمان  أفضل  النتائج .
-  يجب  تـفـصيل  أو  توليف  طريقه  لعلاج  كل  حاله  على  حدة  ,  و ذلك  لأنه  لا يصلح  نموذج  
   علاجى  موحد  لجميع  المريضات .
-  الهدف  من  العلاج  يجب  أن  يـُركز  على  تخفيف  أو  أزاله  الألم  ,  و كذلك  أسترجاع  الحياة  الطبيعيه  و  النشاط  المعتاد  للمريضه .
 
   و  العـــلاج  أمـا  طـبى  أو  جـراحـى  .                                 
             
أولا   :    العـــــــــلاج  الــطـــــبى:
     و ينقسم  الى   :         1 -  علاج  كيميائى (   عقاقيرى  ).
                                     2 -  علاج  طبيعى.     
                                     3 -  علاج  نفســـى.
   
 1 –  العــــــــلاج  العـــقـاقـــيرى 
هذة  أهم  أو  أشهر  العلاجات   الـمـُستخدمه  :

* مجمـــوعـه  المُسـكنات  :

-  تسـاعد  هذة  العقاقير  على  أزاله  الألم  أو  تقليله  .
-  قد  يستجيب  الألم  و  يزول  بأخف  و  أبسط  أنواع  المسكنات  مثل  الباراسيتومول  و أبيوبروفين  و الأسبرين  و  النابروكسين  ,  و  لكن  بمرور  الوقت  لا  تؤثر  هذة  المسكنات  فى  الألم  , فتحتاج  المريضه  الى  مـُسكنات  أضافيه  ,  أو  وسائل  أضافيه  لأزاله  الألم .
-  يـُفضل  عدم  أستخدام  (  إذا  كان  ممكنا )  أى  من  أنواع  المنومات  أو المخدرات  لأزاله  الألم.
-  علاج  "   الأسيتامينوفين " -  ( تايلينول)  -  و  هو الأختيار  الأول  كَمُسكّن  للألم  فى  الحالات  البسيطه  و  قد  يكون  مُؤثرا  و  مفيدا  فى  الحالات  الشديدة .  و  الأسيتامينوفين  يُستخدم  بحريه  أثناء  الحمل  و  الرضاعه . و  الجرعه  للبالغين  650  ميلليجرام  3  مرات  يوميا  أو  حسب  أرشادات  الطبيب .
- علاج  لورنوكسيكام ( زيفـو) و هو من  أحد ث  الأدوية  الـمـُسكنة  للآلام  , و  هو  من  أنسب  الأختيارات  لعلاج  الحالات  المتوسطه  و  الشديدة  من  آلام  الحوض  المزمنه  و  آلام  أسفل  الظهر و  التهابات  المفاصل و العظام  و آلام  ألتهابات  الحوض  المزمنه  و  آلام  الأندوميتريوزيس  و  آلام  الدورة  الشهريه  ,  و طريقه  عمله  أنه  يعمل  على  تعطيل  أنتاج  أنزيم  خاص  مسئول  عن  أنتاج  البروستاجلاندين  المـُسبب  لكل  من  للألم  و  الورم  و  علامات  الألتهابات  بالأنسجه  المـُصابه .  دواء  لورنوكسيكام  ( زيفو)  و الذى  يمتاز  بفاعلية  شديدة  و  سريعه  فى  تسكين  جميع  أنواع  ألآلام  الحادة  والمزمنة  بدون  تأثيرات  جانبية  خطيرة , حيث  أن  أهمها  الصداع  و أحياناً  أسهال و عسر  هضم .  و لا  يـُستخدم  أثناء  الحمل  و الرضاعه .  و  يـُستخدم  بحذر  فى  حالات  هبوط  القلب  و ضغط  الدم  المـُرتفع  جداً  و حالات  فشل  كبدى  أو كلوى  و  الشيخوخه  فوق  70 سنه   وهو  متوافر فى صورة  حـُقن  للوريد  و العضل  و  أقراص  عاديه  و سريعة   الذوبان  و المفعول . وقد  تم  تجربة  الدواء  فى  المستشفيات  العالمية  و أثبت  فاعلية  كبيرة , و يستخدم  فى  آلام  الحوض  المـُزمنه  بجرعه  4  ميلليجرام  مرتين  أو ثلاثه  مرات  يومياً  أو  8  ميلليجرام  مرتين يومياً  أو حسب  ما  يرى  الطبيب  المـُعالج .               
-  علاج  "  أبيوبروفين "  , يقلل  التفاعلات  الألتهابيه  و  يقلل  أو  يمنع  الألم  و  ذلك  عن  طريق  تقليل  تخليق  أو  أنتاج  البروستاجلاندين .  و  جرعته  من  400 -  800  ميللجرام  ثلاث  مرات  يوميا  ,  و  يُحظر  أستخدام "  أبيوبروفين "   للمرضى  الذين  يعانون  من  قـُرحه  المعدة  أو  لديهن  أى  نزيف  من  الجهاز  الهضمى  ,  و  كذلك  مرضى  الفشل  الكلوى .  و يلاحظ  أنه  أذا  أخذ  مع  بعض  أدويه  الضغط  العالى  فأنه  يقلل  قليلا  من  تأثيرها  على  التحكم  فى  الضغط.  و  يـُفضل  عدم  أستخدام  الأسبرين  معه  فى  نفس  الوقت . و  عموما  هو  علاج  مؤثر  و  فعال  فى  فى  أزاله  الألم  و  كذلك  ممكن   بآمان  أستخدامه  أثناء  الحمل ,  حسب  أرشادات  الطبيب .
-  علاج  " نابروكسـين "  لتخفيف  الألم  البسيط  و  المتوسط  , و  طريقه  عمله  أيضا  عن  طريق  تقليل  أفراز  أو  تخليق  البروستاجلاندين . و  جرعته  للبالغين  275 – 550  مرتين  يوميا و  يُمنع  أستخدامه  أيضا  للمرضى  الذين  يُعانون  من  قرحه  المعدة  أو  لديهن  أى  نزيف  من  الجهاز  الهضمى  ,  و  كذلك  مرضى  الفشل  الكلوى . و  أيضا  يلاحظ  أنه  أذا  أخذ  مع  بعض  أدويه  الضغط  العالى  فأنه  يقلل  قليلا  من  تأثيرها  على  التحكم  فى  الضغط   و  يفضل  عدم  أستخدام  الأسبرين  معه  فى  نفس  الوقت . و سلامه  أعطاؤة  أثناء  الحمل  لم  تثبت  بعد .

*  مـجـمـوعه  المـخـدرات  :
"  فـنـتـانـيـل "  على هيئه  أبر ( حُـقن) , أنه  مُخدر و مُـسـكن  قوى  و  لكن  مدة  تأثيرة  أقصر من  مدة  تأثير  المورفين  و  لكن  أذا  أخذت  الأبر  تحت  الجلد  فأن  مدة  تأثيرة  قد  تصل  الى  72  ساعه ,  و  جرعته   25  - 100  ميللي- ميكرو جرام  كل  48 – 72  ساعه .  و  لا  يستخدم  هذا  العلاج  مع  المريضات  ذات  الضغط  المنخفض ,  و  يجب  التأكد  من  سلامه  الممر  الهوائى  التنفسى  سليما  سالكا .
-  "  المورفين " و "  البيثدتين  ".
 
*  مــجـمـوعـه  أدويه  ضـد  التـشـنـجات:
يوجد  عدة  أدويه  تستخدم  ضد  التشنجات  و  وجد  أنها  تفيد  فى  علاج  بعض  حالات  آلام  الحوض  المزمنه . مثل  "  جـابـابـيـنـتـين " ,  و  جرعته  للبالغين  100  -  100  ميللجرام  بالفم  مرتين  يوميا  بحسب  أرشادات  الطبيب . و  يفضل  عدم  أستخدام  أدويه  ضد  الحموضه  معه  إلا  بعد  مرور  ساعتين  حتى  لا  يقل  تأثير  علاج "  جـابـابـيـنـتـين "  .

*  مـجـمـوعـه  أدويه  ضـد  الأكتئاب (  ترايسيكليك ):
-  "  نورتريبتيلين " ( باميلورهذا  العلاج  أظهر تأثيرا  فعالا  إيجابيا  فى  علاج  آلام  الحوض  المزمنه .  و  جرعته  25 – 100  ميلليجرام  باليوم ,  و هذا  العلاج  غير  آمن  أثناء  الحمل  .
"  أميتريبتيلين " (  إيلافيل ) يستخدم  كمُـزيل  للألم  فى  بعض  حالات  آلام  الحوض  المزمنه  المصاحبه  لأضطراب  بالأعصاب  ,  بجرعه   للبالغين  25 -  100  ميلليجرام  بالفم  و  يـُحظر  أستخدامه  للمريضات  ألآتى  لديهن  عدم  أنتظام  فى  ضربات  القلب  أو  مياة  زرقاء  بالعين  أو  سبق  لهن  أن  عانين  من  تشنجات  أو  أحتباس  بالبول ,  و  هذا  العلاج  غير  آمن  أثناء  الحمل .
-  يـُفضل  بعض  الأطباء  أضافه  العلاجات  التى  ضد  الأكتئاب  و هى  عديدة  ,  و يـُفضل  البعض  أستخدام  حبوب  مثل  " البروزاك "  بجرعه  10  ميلليجرام  بحسب  أرشادات  الطبيب .
و يجب  أتخاذ  الحذر و  الحيطه  عند  أستخدامه  فى  حالات  كسل  بوظائف  الكبد  أو ألآتى  لديهن  أى  تشنجات سابقه  , و  هذا  العلاج  يـُعتبر آمن  أثناء  الحمل .

2  -  العــلاج   الطـبـيــعى   

أن  طرق  و  وسائل  العلاج  الطبيعى  لتخفيف  الألم  ,  متعددة  و  مختلفه  ,  مثل  الكمادات  الدافئه  أو الباردة  ,  تمرينات  عضليه  تعتمد  على  الأوضاع  المـُريحه  و  شد  العضلات  و التدليك  و   العلاج  بالموجات  الفوق  صوتيه  و  التنبيه  الكهربائى  عن  طريق  الجلد ,  العلاج  اليدوى  و  العلاج  بالحقن  و كذلك  أستخدام  الأبر  الجافه .....الخ . كل  من  هذة  الطرق  يستخدم  كعلاج  فى  بعض  الحالات . 
و جدير  بالذكر  ,  عندما  يكون  الألم  نتيجه  أنقباض  أو  شد  بالعضلات  ,  فلا  يُمكن  أن  ننسى  التأثير الجيد  للكمادات الساخنه  و  التدليك  و  شد  العضله  و  تأثيرة  الجيد  على  فك  الأنقباض  و  أزاله  الألم.
و  أيضا  يجب  ذكر  فائدة  تدريب  عضلات  قاع  الحوض  عندما  يكون  الألم  ناتج  من  ضعفها  و سقوطها.
يؤكد  خبراء  الطب و العلاج  الطبيعى  بالجمعيه  العالميه  للآلام  الحوض  المزمنه ,  على  أن  جميع  المريضات  بآلام  مزمنه  بالحوض  يجب  أن  يـُفحصن  بواسطه  أخصائيين  للطب  الطبيعى ,  خاصه , الآتى  لم  يوجد  لديهن أى  من  الظواهر المَرضيه  بواسطه  منظار البطن  التشخيصى  ( أى  منظار  البطن  التشخيصى  أظهر  أن  كل  شيىء  بالحوض  طبيعى ) و  كذلك  المريضات  الآتى  فشل  معهن  العلاج  بواسطه  كل  من  أخصائيين  أمراض  النساء  و أخصائيين  الطب  النفسى . و يـُعتقد  أن  حوالى  50  %  منهن  يكون  سبب  ألآلام  المزمنه  يَكمُن  فى ( أو  بسبب )   الجهاز العضلى -  العظمى  , و  تـُقدر  نسبه  الشفاء  من  بين  هذة  المريضات  بنحو 95.2  % , و أن  نسبه  النجاح  فى  أزاله  الألم  فى  النقط  المـُتفجرة  الشديدة  الألم  , تصل  الى  80  %  بواسطه  حـَقن  هذة  النقط  المـُتفجرة .  و  العلاج  الطبيعى  يمكن  أن  يكون  الأختيار الأول  قبل  الجراحه  فى  حالات  البنات  الصغيرات  فى  مرحله  البلوغ  ألآتى  لديهن  آلام  مزمنه  بالحوض  غير معلوم  سببها .  و  العلاج  الطبيعى  لعضلات  قاع  الحوض  مفيد  فى  أزاله  ألآلام  المزمنه  بالحوض  و  كذلك  يـُصلح  بعض  الأعراض  الأخرى  الخاصه  بالمثانه  البوليه  و كذلك بعض  مشاكل  الممارسات  الجنسيه .  و  قد  يشمل  الطب  و العلاج  الطبيعى  التمرينات  العلاجيه ,  تصليح  الأوضاع  الجسمانيه  الخاطئه  المؤلمه , علاج  الأنسجه  اللينه  و الأنسجه  الضامه  المؤلمه ,  و علاج  النقط  المتفجرة  المؤلمه .

 3-  الــعــلاج  النـفـسى

أن  العلاج  النفسى  فى  كثير  من  حالات  آلام  الحوض  المزمنه  قد  يكون  مهماً  جداً  , و  يشمل  هذا  العلاج  الكثير من  وسائل  التـطـمـيـن  أى  جعل  المريضه  مـُطمئنه  غير  قلقه  واثقه  من  نتائج  العلاج  و  أنه  ستكون  هذة  النتائج  مُـريحه  و  مُـقنعه  ,  و  يـُمَارس  أيضا  علاج  نفسى  للأسترخاء  , و تنفيذ  بـَرامج  علاجيه  مُخصصه  للشد  العصبى  و  الضغط  النفسى  ,  و  بعض  البرامج  النفسيه  للسيطرة  على  الوظائف  الجسديه ,  بواسطه  هذة  الوسائل  النفسيه  قد  يـقـل  أو  يزول  الألم  خاصه  مع  و  بالأضافه  الى  العلاج  العقاقيرى .

ثانيا  :  الــعــلاج  الــجــراحــى  :

 يوجد  عدة  طرق  جراحيه  -  تتصف  بالحد  الأدنى  للتدخل  الجراحى -  لعلاج  ألآلام  المزمنه  بالحوض  مثل:
 1 - حقن  المناطق  المؤلمه  بأبر مُـسكنه  ,  و ذلك  يؤدى  الى  تعطيل  الأحساس  بالألم  فى  أعصاب  الأطراف  ,  و  يتم  ذلك  لمنع  الأحساس  باللألم  , و  غالبا  ما   تكون  المادة  التى  يتم  حقنها  هى  مواد  تخديريه  أو  كورتيزون ... الخ .  و  تنجح  هذة  الطريقه  فى  علاج  النقط  المتفجرة المؤلمه  بحقن  1 – 10 سم  من  1 %  ليجنوكايين  ,  يؤدى  ذلك  الى  أختفاء  فورى  للألم ,  و  يـُعاد  الحقن  عند  الضرورة .
2 -  أستئصال  جـُزئى  لأجزاء من  الشفرين  الكبيرين  فى  حالات  الـ ( فالفودينيا )  و  يتم  ذلك  أما  بالجراحه  المعتادة  أو  بواسطه  الكى  بالليزر  و  يعتبر  هذا  العلاج  هو  آخر  الحلول  بعد  فشل  جميع  العلاجات  المـُحافظه  الأخرى .
3 -  قد  تكون  آلام  الحوض  المزمنه  نتيجه  وجود  فتاق  .  و  لتشخيص  الفتاق  يجب  أن  تـُفحص  المريضه  وهى  واقفه  على  قدميها  و  لمدة  طويله  نسبياً , و  علاج  الفتاق  جراحياً   قد  يكون  بالمنظار  أو  يكون  بالجراحه  العاديه  بفتح  البطن  , و  أحياناً  تستخدم  شبكه  جراحيه  للأصلاح . و  نظراً  لكثرة  أنواع  الفتاق  فأن  الطرق  الجراحيه  للتصليح  متنوعه  ,  و  التفاصيل  مع  الجراحين  المتخصصون .
4 - العمليات  الجراحيه  لتصليح  و  تثبيت  وضع  الرحم  المقلوب  للخلف ,   تفيد  جداً  فى  حالات ألآلام  الناتجه  عن  أحتقان  الحوض ألذى  أدى  أليه  الوضع  الغير  طبيعى  للرحم  , أو  كانت  الشكوى  من  آلام  مُبرحه  أثناء  الممارسه  الجنسيه  نتيجه  التصادم  بجسم  الرحم  فى  وضعه  المقلوب  ,  أو  كانت  الشكوى  من  آلام  أثناء  الدورة  الشهريه , حيث  أن  تصليح  و  تثبيت  الرحم  جراحياً  فى  وضعه  الطبيعى  يؤدى  الى  سهوله  تفريغ  الدم  أثناء  الدورة الشهريه  فيمنع  كثير  من  ألآلام  أثناء  الدورة  المـُصاحب الرحم  المقلوب  للخلف .    
5 -  جراحياً  أيضا  يتم  أستئصال  كل  من  الزوائد  اللحميه  أو الأورام  الليفيه  الموجودة  بالتجويف  الرحمى  حيث  أنهما  من  أشهر  أسباب  ألآلام  المزمنه  بالحوض  و  كذلك  قد  يؤديان  الى  نزيف  رحمى  غير  طبيعى  و  أيضاً  قد  يؤديان  الى  عـُقم .
6 - جراحه  توسيع  عنق  الرحم  إذا  ثبت  أن  سبب  ألآلام  المزمنه  بالحوض  ناتجه  عن  ضيق  بعـنـق  الرحم .
7 -  أنه  من  المعلوم  أن  كثير  من  الألياف  العصبيه  التى  تحمل  الشعور  بالألم  من  الحوض  موجودة  بداخل  أحد  الأربطه  الرحميه  وهو  المـُسمى  برباط  الـ " يوتيرو ساكرال "  , و  هذا  الرباط  الرحمى  يربط  الجزء  الأسفل  من  الجدار  الخلفى  للرحم  بعظام  المنطقه  العجزيه  بالعمود  الفقرى .  و  قطع  هذا  الرباط  الرحمى    ( الأيمن  و  الأيسر)  يؤدى  الى  قطع  الألياف  العصبيه  التى  تحمل  الأحساس  بالألم  لتصل  فى  النهايه  الى  المخ  ,  فيؤدى  هذا  القطع  الى  عدم  وصول  أشارات  الألم  الى  المخ  ,   فيتوقف  الشعور  بالألم  ,  و  تنتهى  الشكوى  من  الألم .  و  تسمى  هذة  العمليه  الجراحيه  "  لـونـا  "  و  هذا  الأسم  مكون  من  أربعه  حروف  هى  أختصارت لأربع  كلمات  هم  أسم  و  وصف  العمليه  الجراحيه ( و هم :  قطع  عصب  اليوتروساكرال  بالمنظار )  و  تجرى  هذة  العمليه  بمنظار البطن  الجراحى  .
العمليه  الجراحيه  المـُسماة  بالـ "  لـونـا "  أجريت  لها  دراسات  عديدة  ,  و وجد  فى  أحدى  هذة  الدراسات  أنها  تـُزيل  آلام  الحوض  المزمنه  فى  أكثر من  80 %  من  المريضات  فى  أول  ثلاثه  شهور  بعد  العمليه  الجراحيه ,  و أكثر  من  50 %  من  المريضات  طوال  الأثنى  عشر شهراً  بعد  أجراء  العمليه .  و فى  دراسه  أخرى  فقد  أختفت  ألآلام  المزمنه  الشديدة  المـُصاحبه  للدورة  الشهريه  فى  93 %  من  المريضات  بعد  أجراء  العمليه  الجراحيه  "  لونا "  خلال  فترة  المـُتابعه  16 – 18  شهراً . و  فى   دراسه  أخرى  وجد  أن  نسبه  أختفاء  آلام  الحوض  المزمنه  بواسطه  أجراء  هذة  الجراحه  قد  تعدت  نسبه  الـ 80 %  من  المريضات. هذة  العمليه  هى  أجراء  جراحى  آمن  جداً  إذا  أجـُريت  بأيدى  الجراحين  المتخصصين  الخبراء .
8 -  جراحه  قطع  الأعصاب   الجار عجزيه  ,  التى  بجوار  المنطقه  العجزيه  (  بريساكرال  نيوريكتومى) ,  هى  أحدى  هى  العمليات  الجراحيه  المفيدة  فى  أزاله  آلام  الحوض  المزمنه  و  لكن  من  أهم  مـُضاعفاتها  التى  قد  تحدث  بعد  العمليه  هى  آلامساك  المزمن  و أحتباس  البول  و  أيضاً  قد  يحدث  جرح  خطير  مـُميت  لبعض  الشرايين  الكبيرة  الهامه ,  مما  يؤدى  الى  نزيف  لايمكن  التحكم  به  بسهوله.  و  لكن  نسبه  نجاح  هذة  العمليه  فى  أزاله  الألم  أكثر  من  80 %  من  المريضات  لفترة  مـُتابعه  لأثنى  عشر  شهراً.  و فى  أحدى  الدراسات  وجد  أن  هذة  قد  أزالت  الألم  فى  73  %  من  المريضات  الآتى  يـُعانين  من  آلام  شديدة  مـُصاحبه  للدورة  الشهريه  , و   أن  77 %  من  المريضات  الآتى  يـُعانين  آلام  أثناء  الممارسه  الجنسيه.
 9-  اجراء  جراحه  فك  الألتصاقات  التى  بالحوض  هى  إحدى  الجراحات  المُهمه  المـُفيدة  لأزاله  آلام  الحوض  المزمنه  إذا  ثبت  أن  هذة  ألآلام  نتيجه  الألتصاقات  بالحوض  بأستخدام  خريطه  الألم .  هذة  الجراحه  تهدف  الى  :
أ -  أستعادة  الوضع  التشريحى  الطبيعى  لجميع  أعضاء  الحوض ,  حيث  قد  تغير  وضع  بعض  أعضاء  الحوض  نتيجه  الشد  و الجذب  بواسطه  الألتصاقات .
ب -  أستئصال  الأنسجه  الغير  طبيعيه  بالحوض  التى  تلتصق  بأعضاؤة .
ج -  محاوله  منع  تكوين  التصاقات  جديدة  بعد  عمليه  فك  الألتصاقات .
ملحوظه  ظريفه  و  هامه  جداُ  ,  فقد  أجُرى  منظار بطن  تشخيصى  لآلاف  من  المريضات  بآلام  حوض  مزمنه  و وجد  نسبه  كبيرة  منهن  لديهن  التصاقات  بالحوض  ,  فدائماً  ما  تـُتهم  الألتصاقات  بأنها  السبب  فى  وجود  ألآلام  فى  جميع  الحالات  و أيضاً  قد  لوحظ  وجود  ألتصاقات  فى  كثير من  المريضات الآتى  ليس  لديهن  أى  من  آلام  الحوض  المزمنه  و أُجرى  لهن  منظار  البطن  التشخيصى  بغرض  فحوصات  العـُقم .  أى  أن  الألتصاقات  قد  تسبب  آلام  مزمنه  بالحوض  و  قد  لا  تسبب .  هذة  هى  الملحوظه  أما  ما  ترتب  عليها  ,  هو  أبتكار طريقه  فحص  مـُمَيزة  للتفريق  ما  بين  الألتصاقات  التى  تـُسبب  الألم  و الألتصاقات  التى  لا  تـُسبب  الألم  , و هذة  هى  خريطه  الألم . و  لهذ  يـُجرى  منظار  بطن  تشخيصى  بألات  رفيعه  دقيقه  تحت  تأثير  المـُسكنات  الخاصه  و  ليس  التخدير و تكون  المريضه  يـقـِظـَه  و  واعيه  و من  ثم  يتم  تحريك  كل  مكان  من  الألتصاقات  بمسبر  رفيع  و  تـُسأل  المريضه  عن  ما  إذا  كان  هذا  المكان  من الألتصاقات  مؤلم  أم  غير  مؤلم  , فنعرف  من  أجاباتها   أين  بالضبط  الألتصاقات  المؤلمه  و  الغير  مؤلمه  المؤلمه  و كذلك  باقى أجزاء  الحوض  مثل  هذا الكيس  بالمبيض  مؤلم  أم  لا  و كذلك  بـُقع  أو  نقاط  مرض  الأندوميتريوزيس  أى  منها  مؤلم  و أيها  غير مؤلم  .  و  فى  النهايه  نكون  قد  و ضعـنا   خريطه  دقيقه  للألتصاقات  و  غيرها  المؤلمه  و  الغير  مؤلمه  بالحوض .  بعدها  نطلب  من  طبيب  التخدير  أن  يـُخدر  المريضه  تخديراً  عاماً  كُلياً  و  من  ثم  نبدأ  بأجراء  جراحه  فك  الأتصاقات المـُسببه  للألم  فقط  و  أيضاً  التصرف  المـُناسب جراحياً  لباقى  الأسباب  المؤلمه . و  تتراوح  نسبه  النجاح  ما  بين 75 %  و 84 %   بأختفاء  آلام  الحوض  المزمنه  على  حسب  نتائج  الدراسات  التجريبيه المختلفه .
10 -  جراحه  أستئصال  الزائدة  الدوديه  قد  يكون  العلاج  الأنسب  فى  حالات  آلام  الحوض  المزمنه  إذا  كان  الألم  فى  الجزء  الأيمن  من  الحوض .  و فى  دراسه  لهذا  الموضوع  ,  قد  وجد  أن  المريضات  ألآتى  يـُعانين  من  آلام  مـُزمنه  مـُركزة  فى  الجهه  اليـُمنى  من  الحوض  ,  و  تم  أجراء  أستئصال  الزائدة  الدوديه  لهن  ,  فقد  وجد  أن   الزائدة  الدوديه  بها  مرض ( بفحصها  ميكروسكوبياً  بعد  أستئصالها ) فى  92 %  من  المريضات ,  و  أن  95 %  منهن  قد  شـُفين  تماماً  من  ألآلام  التى  بالجهه  اليمنى  للحوض  .  و  فى  دراسه  أخرى  على  348  مريضه  يـُعانين  من  آلام  مزمنه   بالحوض  عامه  و منتشرة  بكل  الحوض  و  ليست  مـُركزة  فى  جهه  مـُعينه ,  و  أُجرى  لهن  جميعاً  أستئصال  للزائدة  الدوديه  ,  فوجد  أن  72 %  منهن شفاء  أو شعرن  تحسن  ملحوظ  فى  فترة  مـُتابعه  لمدة  سته  شهور . نخلص  من  هذا  أن  أستئصال  الزائدة  الدوديه  قد  يفيد  فى  علاج  بعض  الحالات  الخاصه  لآلام  الحوض  المزمنه .
       11 -  قد  تكون  الجراحات  الخاصه  بالأنابيب  و  المبيضين  كعلاج  آلام  الحوض  المزمنه  غير  مـُحددة  بالضبط  ,  و  لكن  من  المؤكد  على  الأقل  فى  حالات  مثل  ألتواء  أو أنثناء  كيس  بالمبيض  أو  أحد الأنابيب  أو  خـُراج  مُزمن  يشمل  الأنبوب  و المبيض المـُجاور ,  فأن  الجراحه  فى  هذة  الحالات  واجبه  و حتميه .  و  تكون  الجراحه  هى  أستئصال  أكياس  المبيض  أو  أستئصال  الخـُراج  و أستخراج  الصديد  و  التنظيف  التام  للمنطقه . و  أحيانا  يكون  الألم  نتيجه  تمدد  و توّسعها  و  أمتلاؤها  بدم  أو صديد  ,  فى  هذة  الحاله  أيضاً   تتحتم  الجراحه  لأستئصال  هذة  الأنبوب  المـُصابه  لتحقيق  الشفاء  من  آلام  الحوض  المزمنه .
12 -  أستئصال  الأورام  الليفيه  بمنظار  البطن  ,  أن  دور  الأورام  الليفيه  فى  أحداث  آلام  مـُزمنه  بالحوض  معروف  و مؤكد  و  ذلك  بسبب  الضغط  على  الأنسجه  و  الأعصاب  المجاورة  و  أيضاً  بسبب  الخلل  الناتج  فى  الشرايين  و  الأوردة ,  و أيضاً  حينما  يحدث  مـُضاعفات  لورم  ليفى  صغير ( من  المفترض  أن  لا يسبب  ألم )  فأنه  يسبب  ألماُ  حاداً  و غالبا  ما  يـُتـجاهل  فيتحول  الى  ألم  مـُزمن  بالحوض .  و  لهذ  فأنه  قد  تفيد  جراحه  أستئصال  الأورام  الليفيه  الرحميه  بأستخدام  منظار  البطن  الجراحى .
13 -  أستئصال  الرحم  بالمبيضين  بالأنبوبين  كلهم  معاً  ,  هى  أحدى  الطرق  الجراحيه  الفعاله  لأزاله  آلام  الحوض  المزمنه  و ذلك  بعد  فشل  جميع  الطرق  العلاجيه  الطبيه  العقاقيريه  المختلفه  لمدة  طويله , و تكون  هذة  السيدات  ليس  لهن  رغبه  فى  الأنجاب  مـُستقبلاً .  هذة  المريضات  غالباً  ما  يكون  سبب  أستئصال  الرحم  هو  أحتقان  بالحوض  أو  مرض  أدينومايوزيس  أو ألتصاقات  بالحوض  أو  إندوميتريوزيس .  و فى  أحدى  الدراسات  قد  ثبت  أن  77.8 %  من  المريضات  ذات  آلام  الحوض  المزمنه  قد  شـُفين  من  الألم  ,  و  أن 22.2 %  منهن  لم  يتحسن  و ظل  الألم  كما  هو على  حاله  و لم  يقل .  وجدير  بالذكر  ( أنه فى  أحدى  الأحصائيات ) أن  حوالى  12 %  من  عمليات  أستئصال  الرحم  بالولايات  المتحدة  آلامريكيه  تـُجرى  بسبب  آلام  الحوض  المزمنه ,  و أن  فى  حوالى  ثـُلث  هذة  العمليات  التى  أستؤصل  فيها  الرحم  بسبب  آلام  الحوض   المزمنه  يكون  الرحم  لديهن  بعد تحليله  و  دراسته  ميكروسكوبياً  سليماً  تماماًً  و  ليس  به  أى  مرض . 
14 -  جراحات  بمنظار  البطن  الجراحى  لعلاج  مرض  الأندوميتريوزيس  ,  فحينما  يستمر اللألم  و  تمت  جميع  الفحوصات  للمريضه  و  لم  تـُسفر عن  أى  تشخيص  مـُقنع  فغالباً  ما  يكون  مرض  الأندوميتريوزيس  هو  السبب  فى  هذة  ألآلام  .  و  قد  وجد  أن  أستخدام  الليزر  من  خلال  المنظار  الباطنى  لحرق  نقاط  المرض  قد  أفاد  كثيراً  فى  أزاله  الألم  للحالات  البسيطه  و  المتوسطه . و إذا  تكرر  الألم  و  عاد  مرة  أخرى  بسبب  عودة  المرض  فيتوجب  معاودة  العلاج  مرة  أُخرى  بنفس  الطريقه .  أما  الألم  الشديد  الذى  لا  يُشفى  هو  نتيجه  وجود  نقاط  أو  بقع  المرض  فى  أماكن  عميقه  بالحوض  لا  يمكن  الوصول  اليها  جراحيا  .

مـــــتــابــعــــــه  المــــريـــضـــه  :

-  غالبا  ما  يتم  متابعه  حالات  آلام  الحوض  المزمنه  بالعيادة  الخارجيه  ,  و  أن  الحاجه  لدخولها  المستشفى  يعتمد  فقط  و أساسا  على  نوعيه  التدخل  الجراحى  المطلوب  للمعالجه .
-  تعليم  المريضه  و  أسرتها  المعلومات  التى  تجعلهم  أكثر تفهماً  للمشكله  و مضاعفاتها  مثل المُعاناة  الطويله  آلامد ,  و  المشاكل  الزوجيه  و  الأسريه  الناتجه  ,  مشاكل  العمل  و أحتمال  فقدان  الوظيفه , نسبه  العجز  التى  أدت  اليها  ألآلام  المزمنه  بالحوض  , و  أيضا  المشاكل  الطبيه  الأخرى  الناتجه  عن  تفاعلات  أستخدام  الأدويه  و  العلاجات  لفترات  طويله .  و  يجب  تعليم  المريضه  و  أسرتها  الأسباب  المختلفه  المُـسـببه  للمرض  ,  و يجب  إضطلاعهم   و  إفهامهم  بخطه  العلاج  و  أخذ  موافقتهم  عليها.
-  يجب  تعليم  المريضه  أن  تتجنب  الأوضاع  المؤلمه , و تعليمها  أنسب  أنواع  التمرينات  الرياضيه  و  تدريبات  الأسترخاء  و التعود على  أنسب  عادات  النوم  من  حيث  طول  المدة  و كيفيه  الأبتعاد عن  الأرق .
-  أحيانا  تـُظهر  المرأة  الألم  بطريقه  مـُبالغ  فيها  جدا , سواء ,  ما  تصفه  من  الأحساس  بشدة  الألم  أو  كل  من  تصرفاتها  نتيجه  هذا  الأحساس   فقد  يكون  كلاهما  مبالغ   فيه.
-  يجب  التدقيق  و  بأهتمام  بالتاريخ  المرضى  السابق  للمريضه  و معرفه  جميع  الخطوات  السابقه  سواء  فى  الفحوصات  التشخيصيه  أو  فى  العلاجات ,  حتى  لا  يتكرر  أى  منها  بدون  فائدة .
-  يجب  أن  يوضع  فى  الأعتبار أهميه  أستشارة  العديد  من  التخصصات الأخرى  مع  تخصص  أمراض  النساء  مثل  آلامراض  الباطنيه  و المسالك  البوليه  و  آلامراض  النفسيه  و آلامراض  العصبيه  ,  و  الجراحه  العامه  و  الطب  الطبيعى  غيرها  من  التخصصات  التى  قد  تفيد  أستشارتها  فى  تشخيص  و علاج آلألم.